सहाराशैलेन्द्र गौड़
सहाराशैलेन्द्र गौड़
तू मेरा सहारा है मैं तेरा सहारा हूं
तू मुझको प्यारा है मैं तुझको प्यारा हूं
सुख दुख की बातें मिलके करेंगे
जीवन डगर के सुख-दुख हंस के सहेंगे
माने ना या माने उनकी अपनी मर्जी है
अपनों से नहीं बस भगवान से अर्जी है
जो मेरा दुलारा है न मैं उसका प्यारा हूं
खुद के खर्चे में सुनो परहेज नहीं है
दुख ही अपना जीवन है हमको सेज नहीं है
मेहनत से सुंदर घर द्वार बनाए अपना
जो था मेरा अपना तोड़ दिया सपना
वृद्धा आश्रम सहारा है मैं दुखों का मारा हूं !
