STORYMIRROR

Kavi sunil Yadav

Drama

2  

Kavi sunil Yadav

Drama

मुक्तक

मुक्तक

1 min
3.1K


खुलकर हम

हँस ना पाएं

दुनिया के आगे

झुक ना पाएं

यही कारण था

हम दोनों का

जो एक दूजे से

मिल ना पाएं...।




विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama