मुझे तेरी याद आती नहीं !
मुझे तेरी याद आती नहीं !
अपना घर से दूर , बहुत दूर में
अक्सर रह रहें हैं हम
हर पल कार्य में व्यस्त रहते हैं
पर जब कभी
अकेले होते हैं
मेरे सनम !
सारे ओर अजीब सी
चुप्पी छाने लगती है
तब मुझे मेरे अतीत
मेरा गांव , कितने सारे
जाने पहचाने लोग
फिर मेरे दोस्त सारे
सब मुझे बहुत याद आते हैं
सिवाय एक तुम हो
जिसे हम याद करते नहीं
हम तुम्हें याद करते नहीं
इसका ये मतलब नहीं कि
ये भागती हुई जिंदगी में
हम तुम्हें भूल चुके हैं
नहीं ,ऐसी बात बिलकुल नहीं
वल्कि ये बात है
तुम कहां दूर में हो मेरी जान !
जो तुझे याद करेंगे ?
तुम तो हमेशा मेरे पास हो
हर पल हर लम्हा
साथ साथ जो रहती हो
मेरे साया की तरह
हर धड़कन धड़कती है मेरा
मेरी जान ! ले के तेरे नाम।

