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Noor N Sahir

Tragedy


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Noor N Sahir

Tragedy


मुझे मार दीजिए

मुझे मार दीजिए

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मैं कबसे कह रहा हूँ मुझे मार दीजिए,

मैं मरना चाहता हूँ मुझे मार दीजिए।


झूठी तसल्लियों से फरेबों से आपके,

मैं तंग आ चुका हूँ मुझे मार दीजिए।


लश्कर नहीं है कोई मेरे साथ क़ातिला

तन्हा खड़ा हुआ हूँ मुझे मार दीजिए।


अंधियारे इस जहान में इकलौता मैं ही हूँ,

जो रौशनी भरा हूँ मुझे मार दीजिए।


जल्लाद को बुलाइए फाँसी लगाइए,

मुज़रिम मैं आपका हूँ मुझे मार दीजिए।



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