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Rajiv Jiya Kumar

Abstract Classics Inspirational

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Rajiv Jiya Kumar

Abstract Classics Inspirational

☆ मुझे चाँद चाहिए ☆==========

☆ मुझे चाँद चाहिए ☆==========

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दिला दे मुझे दिला दे,

वह जो समस्त 

अंधेरे कोने को सजा दे

निराशा के भंवर में

उबलता हर शै जहाँ है


उम्मीदों का दीप जला दे,

मुझे ऐसा एक चाँद चाहिए 

दिला दे मुझे दिला दे।।

वह जिसकी धवल चाँदनी

अरमानो की सिमटती छाया को

गगनचुंंबी शिखर बना दे

मचलकर खनक उठे जो

हँसी वह होंंठो पर सजा दे,

मुझे ऐसा एक चाँद चाहिए 

दिला दे मुझे दिला दे।


वह जो अपने शीतलता के शीत से

कुलषित उद्गम को जमा दे

दफन हर खैैर जहाँ 

नवजीवन जोत जला दे,

मुझे ऐसा एक चाँद चाहिए 

दिला दे मुझे दिला दे।


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