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Ervivek kumar Maurya

Tragedy

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Ervivek kumar Maurya

Tragedy

मुझे भूले जा रहे हो

मुझे भूले जा रहे हो

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आज कल तुम बहुत भाव खा रहे हो

लग रहा है मुझे भूले जा रहे हो.

कल तलक मेरा हाल पूछते थकते नहीं थे

आज मेरे हालात पे ही छोड़े जा रहे हो

बात बात पे कैसी है तबियत ,अब ठीक हो ना

न ठीक हो तो मर्ज की दवा ले लेना

आज खुद ही तुम मेरा दर्द बने जा रहे हो

लग रहा है मुझे भूले जा रहे हो.

उदास हो जाता था जो पल भर में 

मेरे पास एहसास बन के आ जाते थे तुम

सोना,बाबू, जानू तुमसे बहुत है मोहब्बत

ये कहके मुझमें ख़ुशी भर जाते थे

मगर आज देखो हमसे सनम

दूर बहुत दूर होते जा रहे हो

लग रहा है मुझे भूले जा रहे हो.

फ़ोन कर के हर पल की खबर लेते थे

कहाँ हो ,कैसे हो ,खाना खाया ,ठीक हो ना

अब लग रहा है मेरा

एक-एक नंबर खुद ही मिटाते जा रहे हो

आज कल तुम बहुत भाव खा रहे हो

लग रहा है मुझे भूले जा रहे हो.



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