Jai Singh(Jai)
Tragedy Action Inspirational
इतना बुरा हाल हुआ, शरीर बना खराब
मोटापा क्यों कर बढा, करो कोई उकाब
करो कोई उकाब, चला तुम से ना जाता
हुए रोग से ग्रस्त,खुशी से जीया न पाता
करो योग तुम रोज,बने तन बलिष्ठ जितना
खान पान हो ठीक, हाल बुरा हो न इतना।
"वंदन नूतन वर...
"ज्ञान के दीप...
पर्व यह ज्योत...
" पटाखे हम न ...
" नमन नमन गु...
"ललई सिंह "
" राखी का त्य...
" भीम ने राखी...
" मेजर ध्यान...
अबला भारत देश...
जिस राह चलोगे जैसे चलोगे मंजिल वैसी ही मिलेगी जिस राह चलोगे जैसे चलोगे मंजिल वैसी ही मिलेगी
अपनों के साथ मुस्कान का किनारा, दोस्तो के साथ ख़ुशियों का ख़ज़ाना। अपनों के साथ मुस्कान का किनारा, दोस्तो के साथ ख़ुशियों का ख़ज़ाना।
पहुँची पिया अँगना जब पायल बेड़ियाँ,चूड़ी लगती चाकू सी जब. पहुँची पिया अँगना जब पायल बेड़ियाँ,चूड़ी लगती चाकू सी जब.
हँसता खेलता परिवार भी पत्तों की तरह अब बिखर रहा। हँसता खेलता परिवार भी पत्तों की तरह अब बिखर रहा।
हर खुशी है लोगों के पास पर हंसने के लिऐ वक़्त नहीं। हर खुशी है लोगों के पास पर हंसने के लिऐ वक़्त नहीं।
कोई आपके पीठ पीछे उस दर्द का मजाक व खिल्ली भी उड़ाएंगे कोई आपके पीठ पीछे उस दर्द का मजाक व खिल्ली भी उड़ाएंगे
कोरोना की लहर में , आत्मबल बना आस। खोकर अपना बहुत कुछ ,बच्चे हुए सब पास। कोरोना की लहर में , आत्मबल बना आस। खोकर अपना बहुत कुछ ,बच्चे हुए सब पास।
कितना कुछ बाँट लेते हैं हम धर्म के नाम पर इंसानियत भूल जाते हैं धर्म के नाम पर. कितना कुछ बाँट लेते हैं हम धर्म के नाम पर इंसानियत भूल जाते हैं धर्म के नाम प...
एक देश के तीन राज्य से चार बेटियाँ अपने होने का एहसास करा रही थीं एक देश के तीन राज्य से चार बेटियाँ अपने होने का एहसास करा रही थीं
पुराने मौसम के बाद नए मौसम की बौछारें सड़कें गीली आँखें नीली गाल कोरे कोरे होते है। पुराने मौसम के बाद नए मौसम की बौछारें सड़कें गीली आँखें नीली गाल कोरे कोरे होत...
सवाल एक ही था मन में, करोड़ों की अंगूठी किसने लूटी? सवाल एक ही था मन में, करोड़ों की अंगूठी किसने लूटी?
किसने किसको फ़ोन घुमाए कौन कहाँ किसको समझाए। किसने किसको फ़ोन घुमाए कौन कहाँ किसको समझाए।
यह दिल का मौसम हर पल हर लम्हा रंगीन था। यह दिल का मौसम हर पल हर लम्हा रंगीन था।
करना पड़ जाय लौह टोपधारी करना पड़ जाय लौह टोपधारी
फूलों की बहारों से लदे सारे फूल ही झड़ते हैं। फूलों की बहारों से लदे सारे फूल ही झड़ते हैं।
दर्द समाता गया मेरी नशों में,नशे की तरह , इसके आदी हम हो गये अब,शराबी की तरह,, दर्द समाता गया मेरी नशों में,नशे की तरह , इसके आदी हम हो गये अब,शराबी की तरह,...
न है कोई मोह माया हर रिश्ता है पराया हैं जिनके वो दीवाने वो लोग हैं सयाने न है कोई मोह माया हर रिश्ता है पराया हैं जिनके वो दीवाने वो लोग हैं सयाने
टूटे तारों से ही झंकृत वीणा मुझसे पूछो। टूटे तारों से ही झंकृत वीणा मुझसे पूछो।
बोल रहा झूठ सभी वादों में लोगों सच्चाई उसकी तो नहीं सियासत में बोल रहा झूठ सभी वादों में लोगों सच्चाई उसकी तो नहीं सियासत में
आरोप तो लगते हैं सदियों से तुम तुम्हारा काम करो , हम हमारा आरोप तो लगते हैं सदियों से तुम तुम्हारा काम करो , हम हमारा