Jai Singh(Jai)
Tragedy Action Inspirational
इतना बुरा हाल हुआ, शरीर बना खराब
मोटापा क्यों कर बढा, करो कोई उकाब
करो कोई उकाब, चला तुम से ना जाता
हुए रोग से ग्रस्त,खुशी से जीया न पाता
करो योग तुम रोज,बने तन बलिष्ठ जितना
खान पान हो ठीक, हाल बुरा हो न इतना।
"वंदन नूतन वर...
"ज्ञान के दीप...
पर्व यह ज्योत...
" पटाखे हम न ...
" नमन नमन गु...
"ललई सिंह "
" राखी का त्य...
" भीम ने राखी...
" मेजर ध्यान...
अबला भारत देश...
लगता है कि बस ख़ालीपन रह गया सब निथार के ले गया वक़्त मेरे ज़िस्म से मेरी रूह से. लगता है कि बस ख़ालीपन रह गया सब निथार के ले गया वक़्त मेरे ज़िस्म से मेर...
पर कैसी यह चाल चली ? जंजीरों में जकड़ दिया ! पर कैसी यह चाल चली ? जंजीरों में जकड़ दिया !
नदियों की जमीन पे खड़े किए मकान पेडों को काट जंगल किए वीरान। नदियों की जमीन पे खड़े किए मकान पेडों को काट जंगल किए वीरान।
लाली, चली गयी है, दुकान जाना, अब बेमतलब है, पार्ले जी, अब अच्छा नहीं लगता, इंतज़ार, त... लाली, चली गयी है, दुकान जाना, अब बेमतलब है, पार्ले जी, अब अच्छा नही...
बन्द हैं गर ये सभी देश पतन की ओर जाएगा फिर नेता होंगे बहरे और कानून अंधा बन रह जाएगा। बन्द हैं गर ये सभी देश पतन की ओर जाएगा फिर नेता होंगे बहरे और कानून अं...
मिलकर गीता, कुरान हम बाइबिल पढ़े, आओ फिर से नई प्रीति दिल में गढ़े। रोके हम, जो सितम हो रहा देश ... मिलकर गीता, कुरान हम बाइबिल पढ़े, आओ फिर से नई प्रीति दिल में गढ़े। रोके हम,...
तो सोचो यह जिंदगी आसुओं के ही नाम हो जाती है। तो सोचो यह जिंदगी आसुओं के ही नाम हो जाती है।
मन पर छाया ऐशो आराम का डेरा है। जाल में फंसा है कहकर सब कुछ मेरा है। मन पर छाया ऐशो आराम का डेरा है। जाल में फंसा है कहकर सब कुछ मेरा ह...
सच सोया हुआ है चुनावी वायदों का बोलबाला है। सच सोया हुआ है चुनावी वायदों का बोलबाला है।
शायद उसे ही कहते हैं यादों की पुरानी पोटली ! और वह जा छिपी है इतिहास के पन्नों में। शायद उसे ही कहते हैं यादों की पुरानी पोटली ! और वह जा छिपी है इतिहास ...
आसमानों में उड़ता रहा वो परिन्दा हूँ मैं चीखकर तो यूँ कह रहा अब तक ज़िन्दा हूँ मैं आसमानों में उड़ता रहा वो परिन्दा हूँ मैं चीखकर तो यूँ कह रहा अब तक ज़िन्दा हूँ ...
गूंगे बहरे शासन पर या खूनी सिंहासन पर उस बच्ची के जले शरीर पर या अपने देश के मीर पर रोती... गूंगे बहरे शासन पर या खूनी सिंहासन पर उस बच्ची के जले शरीर पर या अपने द...
अद्भुत है तुम्हारा मुखौटा यह जो छिपाता है तुम्हें और छिपता है खुदी में बड़े बेबाक जो रखते... अद्भुत है तुम्हारा मुखौटा यह जो छिपाता है तुम्हें और छिपता है खुदी में ...
मगर क्या मालूम था मुझे तेरी उस वफा का जो सिर्फ मेरा नहीं था नशा हजारों का मगर क्या मालूम था मुझे तेरी उस वफा का जो सिर्फ मेरा नहीं था नशा हजारों ...
बन गई है सलाखें सच ने इतना आज़माया झुक गई है यह आंखे होश रहना भी अब मुहाल हो गया है बन गई है सलाखें सच ने इतना आज़माया झुक गई है यह आंखे होश रहना भी अब म...
पर मैं टूटी नहीं बिखरी नहीं ख़ुद को समेटा अपनी दरारों को भर तो न पाई पर उन्हें इस तरह पर मैं टूटी नहीं बिखरी नहीं ख़ुद को समेटा अपनी दरारों को भर तो न पाई पर उन्...
जो मेरा नही, ओ मेरा है मेरा सांझ है सवेरा है रिश्तों की डोर से भी गहरा, बंधने वाला फेरा है। जो मेरा नही, ओ मेरा है मेरा सांझ है सवेरा है रिश्तों की डोर से भी गहरा, ...
अचानक से ना जाने क्यूँ वो मुझसे रूठ गई, परछाई भी नजर आती नहीं। अचानक से ना जाने क्यूँ वो मुझसे रूठ गई, परछाई भी नजर आती नहीं।
अब हर शाम इंतज़ार रहता है उसका, पर वो शाम, चुरा ले गया कोई। अब हर शाम इंतज़ार रहता है उसका, पर वो शाम, चुरा ले गया कोई।
क्या सबके अंदर की मानवता हो गयी खत्म क्या सबके अंदर की मानवता हो गयी खत्म