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निशा सैनी

Romance

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निशा सैनी

Romance

मोहब्बत

मोहब्बत

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जहाँ मोहब्बत होती है 

वहाँ इबादत होती है

महबूब की आँखो में

सिर्फ चाहत होती है।


नज़रो से बयाँ हो जो इश्क

 उसके लिए जुबाँ की जरूरत नही होती

 हाथों की लकीरों में बस 

वफ़ा की ताबीर होती है


उसके दीदार से सुबह-शाम होती है

 प्यार में हो जब अहदे-वफ़ा 

आसमाँ और जमीं से 

प्यार की बरसात होती है।


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