STORYMIRROR

निशा सैनी

Romance

2  

निशा सैनी

Romance

मोहब्बत

मोहब्बत

1 min
92

जहाँ मोहब्बत होती है 

वहाँ इबादत होती है

महबूब की आँखो में

सिर्फ चाहत होती है।


नज़रो से बयाँ हो जो इश्क

 उसके लिए जुबाँ की जरूरत नही होती

 हाथों की लकीरों में बस 

वफ़ा की ताबीर होती है


उसके दीदार से सुबह-शाम होती है

 प्यार में हो जब अहदे-वफ़ा 

आसमाँ और जमीं से 

प्यार की बरसात होती है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance