STORYMIRROR

निशा सैनी

Tragedy

2  

निशा सैनी

Tragedy

एक सवाल

एक सवाल

1 min
135

जब पूछा उनसे एक सवाल जवाब ना आया

मचा बवाल सोचकर हम भी दंग रह गए मन में लेकर उनका ख्याल


कुछ रहा होगा उनको भी मलाल इसीलिए बातें अब चंद करता हूं

जनाब मन में जो रह गए कटाक्ष कभी-कभी हो जाता हूं हताश


नहीं रही होंगी उम्मीदें हमसे भी दिल को भी समझा लिया

फर्क नहीं पड़ता हमें अब उनकी यादों से जो पीछा छुड़ा लिया।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy