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Vijaykant Verma

Romance

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Vijaykant Verma

Romance

मोहब्बत और इश्क़

मोहब्बत और इश्क़

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मोहब्बत और इश्क़ से

तू बच न सकेगी


चाह कर भी दूर मुझसे

हो न सकेगी


आज तू पिला दे

अपने होठों से जाम


प्यार बिना तू भी

अब रह न सकेगी..!


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