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Gagandeep Singh Bharara

Abstract Inspirational

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Gagandeep Singh Bharara

Abstract Inspirational

मिट्टी के रंग

मिट्टी के रंग

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मिट्टी के रंग में मिल के तुम देखो,

थोड़ा खिल के, तुम जी कर के देखो,


इक दूजे संग खुशियाँ हैं बांटी,

किसी के ग़म में, रो कर तो देखो,


दरिया में कश्ती बहुत चलाई,

समुद्री लहरों से, लड़ कर तो देखो,


ख़्वाबों की है ऊँची पींग लगाई,

कुछ सपनों को जी कर तो देखो,


बाहरी दुनिया से खूब निभाई,

कुछ अपनों संग जी कर तो देखो,


मिट्टी के रंग में मिल के तुम देखो,

थोड़ा खिल के, तुम जी कर के देखो।        



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