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Husan Ara

Abstract

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Husan Ara

Abstract

मिट्टी ही सच है

मिट्टी ही सच है

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ये ज़मीं

मिट्टी ही तो है

ज़मीं पर रहने वाले

सब जीव

मिट्टी ही से हैं

मिट्टी में ही मिल जाना


सबको आखिर

चाहे जलकर या दबकर

मिट्टी ही हमारा सच

सब कुछ बना मिट्टी से ही बनकर


पेड़ पौधे फल सब्ज़ी

सब मिट्टी में ही आता

फूल भी खुशबू तरह तरह की

मिट्टी से ही पाता

प्रकृति को ग़ौर से देखो


उसकी सुंदरता

सब मिट्टी ही से है

पहाड़ भी मिट्टी का ही स्वरूप

नदियां यहीं से बढ़कर

मिलतीं सागर को जाकर

सबकुछ बना मिट्टी से बनकर


पेट्रोल डीज़ल

एलपीजी कैरोसीन मिट्टी ही से

पेट्रोलियम के रूप में निकाला जाता

लोहा हो सोना या हीरा

मिट्टी ही में पाता

मूरत भी मिट्टी

ये महल बंगले भी

हर वस्तु का अस्तित्व जुड़ा

मिट्टी से ही


ये रचनाएँ सब

मिट्टी की ही उपज है

सब कुछ बना मिट्टी से बनकर

मिट्टी ही तो सच है।


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