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Deepak Solanki

Romance

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Deepak Solanki

Romance

मिली है आज़ादी

मिली है आज़ादी

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मिली है आज़ादी चिल्लाने को

मिला है मौका गज़ले गाने को


फिर से वापस आई है मेरी गली

ना मिला दूजा कोई फ़साने को


इससे ज्यादा कुछ ना चाहिए, जब

मौत तड़पती हो मुझे पाने को


बहुत मशक्कत के बाद पता हुआ

सिर्फ मोहब्बत हो, तो मर जाने को


वो वक्त कभी आसान नही होता

जब कुछ भी ना हो पास गंवाने को


टूट गया सो टूट गया दिल मेरा

उसको सिर्फ दिया था टहलाने को


वैसे तो लड़ना मेरी आदत है

तुमको आएगा कौन बचाने को


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