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Suresh Sachan Patel

Abstract Inspirational

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Suresh Sachan Patel

Abstract Inspirational

मीठी वाणी औषधि समान।।

मीठी वाणी औषधि समान।।

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मीठी वाणी को तुम अपनाइए।

प्यार की इस दवा को खा जाइए।

सुख मिलेगा तुम्हारी भी आत्मा को।

मिलेंगी खुशियाॅ॑ खूब सुनने वालों को।


मीठी औषधि है ये दिल को सुकून देती है।

बोलने वाले के दिल को ये खुशबू देती हैं।

खिल जाते हैं चेहरे मीठी बोली से।

प्रेम का होता संचार मीठी बोली से।


कड़वाहट दिलों की ये धो देती है।

प्यार के बीजों को ये बो देती है।

नफ़रत  दिलों से मिटा देती है ।

डोर रिश्तों की मजबूत कर देती है।


जब भी खोलो जुबां को मीठी बोली ही बोलो।

प्यार की खिड़कियाॅ॑ अपने दिल में तुम खोलो।

मिलेगा दिल में बहुत सुकून आपको।

प्यार दुनिया का मिलेगा फिर आपको।


कटुक बचनों में होती बुराई बहुत है।

आग नफरत की ये लगाती बहुत है।

मीठी बोली से खुशियाॅ॑ लुटाओ तुम खूब।

फूल खुशियों के दिलों में बिखराव खूब।      


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