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Anumeha Rao

Inspirational

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Anumeha Rao

Inspirational

मेरी उड़ान

मेरी उड़ान

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दूर कहीं ख़्वाबों की नगरी से,

एक शोर सी आई है,

दिल बेचैन है,

उल्लास सी छाई है,

खोल दो पंख अपने,

भर लो एक लम्बी उड़ान,

हमारे हौसले को जंजीरे,

कब तक रोक पाई है,


दूर कहीं ख़्वाबों की नगरी से,

एक शोर सी आई है,

बना लो एक नई पहचान,

कब तक रहोगे एक आम इंसान,

तक़दीर की पन्ने नहीं,

हिम्मत की मुठ्ठी लाई है,

दूर कहीं ख़्वाबों की नगरी से,

एक शोर सी आई है


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