STORYMIRROR

Amrita Rai

Romance

2  

Amrita Rai

Romance

मेरे मन ने आज

मेरे मन ने आज

1 min
146

मेरे मन ने आजएक ख्वाहिश की है

तुमसे दिल्लगी की खुद को इजाज़त दी है

दूर रहकर भी साथ निभाने की चाहत की है

तुम्हारी हर तमन्नाओं को पूरी करने की जिद की है।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance