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Blogger Akanksha Saxena

Tragedy

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Blogger Akanksha Saxena

Tragedy

मेरे देश की हिंदी इंग्लिश बोले

मेरे देश की हिंदी इंग्लिश बोले

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बोले अंग्रेजी, अमेरिकन,

हिंग्लिश 

हाय! मेरे देश की हिन्दी 


भैंस बन गयी बफैलो

बंदर बन गये मंकी

जो इंग्लिश ना जाने

कहलावे क्यों डंकी? 


हाय! मेरे देश की हिन्दी


हिन्दी के प्रोफेसर

अंग्रेजी अखबार हैं पढ़ते

उनके दो बच्चे 

लंदन में हैं पढ़ते


हाय! मेरी देश की हिन्दी


मेरे देश की संसद में

नेता हिन्दी ना पढ़ पाते 

मुझे हिन्दी नहीं है आती 

यह कहते हुए नहीं लजाते


हाय! मेरे देश की हिन्दी

 

पापा को डेड कर दिया 

माँ को कर दिया मोम

इंग्लिश में क्यों होते हैं

देश के सारे शोध? 


हाय! मेरे देश की हिन्दी 



कोर्ट में इंग्लिश चले 

तो ना होती हैरानी

पर आजकल तो

प्रवचन भी बाबा

इंग्लिश में करें


हाय! मेरे देश की हिन्दी


हिन्दी साहित्य किताबें

चाट पकौड़ी भेंट चढ़ें

अंग्रेजी साहित्य किताबें

हमारी सैलरी भी कम पड़े


हाय! मेरे देश की हिन्दी


आज कलम बनीं ऊँगलियाँ

कागज़ बना सोसल मीडिया 

लेखक बन गया पूरा देश 

पाठक करे लाईक कमेन्ट्स 

हिंग्लिश का है शोर ही शोर


हाय! मेरे देश की हिन्दी.....!! 





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