STORYMIRROR

Kumar Kishan

Romance

3  

Kumar Kishan

Romance

मेरे अल्फाज

मेरे अल्फाज

1 min
300

मेरे दिल को तोड़कर

कहाँ जाओगी ?

कभी ना कभी मुझे

याद करोगी


यह दीवाना तेरा

पीछा ना छोड़ेगा

चाहे मुझे पर कितना

भी सितम कर जाओगी


कुसूर यही है मेरा

तुझसे दिल लगाया है

पर कमबख्त, इस दिल को

तेरा ही चेहरा भाया है।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance