मेरा राजनीति को जीना चाहता हूं
मेरा राजनीति को जीना चाहता हूं
फिलहाल मैं राजनीति का 'र'
भी नहीं जानता हूं ..
लेकिन मैं राजनीति जानना चाहता हूं !
न सिर्फ जानना चाहता हूं बल्कि इसके माध्यम से मैं भी सत्ता के शीर्ष पर काबिज होकर जनता से जुड़ना चाहता हूं ।
मैं भी कल्याणकारी राज्य का सपना देखता हूं !
जिसमें सभी लोग अपने- अपने हिस्से का हक लेकर सुख- चैन से जी सकें
हाँ! मैं राम राज्य की संकल्पना को व्यवहार में लाकर सिद्ध करना चाहता हूं।
मैं राजनीति के दांव- पेंच से वाकिफ तो नहीं हूं !
लेकिन ग़र संभव हो मैं इन सबसे परे
जरूरत पड़े तो इनके सहारे भी
किन्तु मूल्यों से बिना समझौता किए मैं राजनीति करना चाहता हूं..
ना सिर्फ करना चाहता हूं..
राजनीति को मैं जीना चाहता हूं ।
हाँ! मैं दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के शीर्ष पर काबिज़ हो इसे नई दिशा प्रदान करना चाहता हूं..
जब मैं स्वयं से संदेहजनक प्रश्न पूछता हूं कि क्या मैं इस मुहिम में सफ़ल हो पाऊंगा?
इसपर मेरा आत्मविश्वास अंदर से हौसलों की बुलन्द आवाज़ भरता है।
कि निस्संदेह.. .
तुम इस मुहिम में सफ़ल होगे।
तो मैं दुगुने उत्साह से अपने मुहिम में जुट जाता हूँ ।
इस उम्मीद में की मैं जरूर एक दिन इस मुहिम में सफ़ल होऊँगा ।
और अपनों के साथ से इस मुकाम को भी पा लूँगा।
