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Brijlala Rohanअन्वेषी

Action Inspirational

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Brijlala Rohanअन्वेषी

Action Inspirational

मेरा पारिश्रमिक लौटा दे!

मेरा पारिश्रमिक लौटा दे!

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मैंने जीवन में अबतक जो कुछ भी थोड़े बहुत परोपकार कर पुण्य कमाए होंगे !

 हे ईश्वर! आज मैं अपना पारिश्रमिक तुमसे मांगता हूं,

और वो ये पारिश्रमिक इस रूप में की; 

 मेरी जीवनसंगिनी! जो इस वक़्त जिस पीड़ा से गुज़र रही है, उससे उसे उबार दो

नहीं देखी जाती मुझे उसका असहनीय दर्द! 

उसकी रुदन उसका मायूस-सा मासूम चेहरा!

 थोड़े ही सही मेरे सत्कर्मों का फल मुझे आज लौटा दो ,

उसे आरोग्यता प्रदान कर उसे पीड़ा से उबार दो!

मेरा पारिश्रमिक लौटा दो,

ग़र कम पड़ जाते हों हमारे के सत्कर्म तो ,

जितना भी हो कम उधार रखना ! 

सूद -समेत चुका देंगे सारे कर्ज हम मिलकर अपने परोपकारी कर्तव्यों से,

मग़र मेरी बात का मान रखो! 

उसे इस पीड़ा से उबार दो! 

उसे आरोग्यता का वरदान दो....।।



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