STORYMIRROR

Brijlala Rohanअन्वेषी

Action Inspirational

4  

Brijlala Rohanअन्वेषी

Action Inspirational

मेरा पारिश्रमिक लौटा दे!

मेरा पारिश्रमिक लौटा दे!

1 min
215

मैंने जीवन में अबतक जो कुछ भी थोड़े बहुत परोपकार कर पुण्य कमाए होंगे !

 हे ईश्वर! आज मैं अपना पारिश्रमिक तुमसे मांगता हूं,

और वो ये पारिश्रमिक इस रूप में की; 

 मेरी जीवनसंगिनी! जो इस वक़्त जिस पीड़ा से गुज़र रही है, उससे उसे उबार दो

नहीं देखी जाती मुझे उसका असहनीय दर्द! 

उसकी रुदन उसका मायूस-सा मासूम चेहरा!

 थोड़े ही सही मेरे सत्कर्मों का फल मुझे आज लौटा दो ,

उसे आरोग्यता प्रदान कर उसे पीड़ा से उबार दो!

मेरा पारिश्रमिक लौटा दो,

ग़र कम पड़ जाते हों हमारे के सत्कर्म तो ,

जितना भी हो कम उधार रखना ! 

सूद -समेत चुका देंगे सारे कर्ज हम मिलकर अपने परोपकारी कर्तव्यों से,

मग़र मेरी बात का मान रखो! 

उसे इस पीड़ा से उबार दो! 

उसे आरोग्यता का वरदान दो....।।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Action