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Ruchi Rachit Singla

Abstract Others Children

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Ruchi Rachit Singla

Abstract Others Children

मेरा दुलारा

मेरा दुलारा

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जब से आया मेरा दुलारा,

आया है मेरे जीवन में उजियारा!


जब भी देखो तुझे खिल जाती है मेरी मुस्कान,

तुझमें बसी है मेरी जान,

इस बात से तू है अभी अनजान,


लगते हो जब तुम मेरे गले,

उस सुख को कैसे करूँ बयां,

लगता है सब कुछ मिल गया हो जैसे,


हर पल हो तुम मेरे साथ,

कभी हाथों में हाथ,

तो कभी बन के याद!


मेरे होंठों की मुस्कान हो तुम,

मेरी दुआओं की फ़रियाद हो तुम,

यह दिल तो है मेरा,

पर इस दिल की धड़कन हो तुम,

क्या कहो मेरे लिए क्या तुम,

मेरे लिए मेरी जान हो तुम,


तुम्हारे मुंह से निकलता शब्द "मम्मा",

मेरे दिल का है नगमा


बस तहे दिल से करती हूँ यही दुआ,

सारी खुशियाँ तुम पर न्योछावर कर दे खुदा,


हर कोई देखे तुम्हें मेरी नज़र से,

प्यार ही प्यार मिले तुम्हें हर ओर से!!


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