STORYMIRROR

संजय असवाल "नूतन"

Abstract Action Others

4  

संजय असवाल "नूतन"

Abstract Action Others

मेरा देश बदल रहा है।

मेरा देश बदल रहा है।

1 min
241

मेरा देश बदल रहा है

विभाजन का दंश सहकर

आजाद हवा में सांस लेकर

कामयाबी के शिखरों को चूम

विश्व पटल पर चमक रहा है, 

मेरा देश बदल रहा है। 


अपनी मान्यताओं, संस्कृति का संवर्द्धन कर

अपने पूर्वजों की विरासत को सींचकर 

मूल्यों, आस्था और विश्वास के पथ पर 

समरसता सौहार्दपूर्ण वातावरण में 

निरंतर पथ पर अग्रसर हो रहा है

मेरा देश बदल रहा है। 


खेतों में फसलें लह लहाकर

हज़ारों मीलों की सड़कें बनाकर

 गांवों,शहरों को बिजली से चमकाकर

घर घर नल से प्यास बुझाकर

अच्छी सुविधाओं का जाल बुन रहा है

मेरा देश बदल रहा है।


बच्चों को उन्नत शिक्षा देकर

युवाओं में तकनीकी ज्ञान बढ़ाकर

चिकित्सा स्वास्थ्य में अग्रणी बन

विदेशियों को भी मुफ्त वैक्सीन देकर

अपनी काबिलीयत का डंका बजा रहा है

मेरा देश बदल रहा है। 


रीति रिवाजों की जंजीरों को तोड़

न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ कर

बेटियों के सपनों को साकार कर

अरमानों को पंख उन्हें दे

खुला आसमां दे रहा है

मेरा देश बदल रहा है। 


अब भारत किसी से नहीं डरता 

स्वाभिमान से सीना ताने रहता है

अपनी सीमाओं को महफूज बना

सेना को उन्नत हथियारों से सज्ज

दुश्मन से आँख से आँख मिला रहा है

मेरा देश बदल रहा है। 


वसुधैव कुटुंबकम का संदेश देकर

सद्भाव, मैत्रीपूर्ण संबंध बनाकर

जरूरतमंद देशों को मदद देकर 

शांति का संदेश फैलाकर

हर क्षेत्र में अपना हाथ बढ़ा रहा है

मेरा देश बदल रहा है।


धरती से अंतरिक्ष में परचम लहराकर

सामाजिक आर्थिक तीव्र प्रगति कर

उद्योगों का जाल फैला कर

विश्व पटल पर दुनिया का नेतृत्व कर

विश्व गुरु होने का अहसास करा रहा है

मेरा देश बदल रहा है।



ಈ ವಿಷಯವನ್ನು ರೇಟ್ ಮಾಡಿ
ಲಾಗ್ ಇನ್ ಮಾಡಿ

Similar hindi poem from Abstract