Abhilasha Chauhan
Inspirational
उपवन जैसा सोहता, मेरा भारत देश
सुंदर सुमनों से सजा, बहुरंगी परिवेश।
बहुरंगी परिवेश, दिखे जन-जन में समता
सत्य शांति संदेश, बसे मन करुणा-ममता।
रहे एकता मूल, प्रेम से पूरित जन-मन
प्रकृति करे श्रृंगार, सजा ये सुंदर उपवन।
भ्रम
आ रहा मधुमास ...
चाय के बिन कह...
वो कली मासूम ...
दिल तो बच्चा ...
कुंडलियां छंद...
भोर उजली स्वर...
कुंडलिया छंद(...
प्रकृति के रं...
कृष्ण लीला (स...
आज बदल रहा है परिवेश, और बदल रहे हैं अब दायरे। आज बदल रहा है परिवेश, और बदल रहे हैं अब दायरे।
मेरी प्यारी बिटिया का सावन, हरी चूड़ियों संग बिन कोथली, बिन सिंधारा। मेरी प्यारी बिटिया का सावन, हरी चूड़ियों संग बिन कोथली, बिन सिंधारा।
ओ दिलबर जानिया, रूठने मनाने में ना बीतें ये जवानियाँ ! ओ दिलबर जानिया, रूठने मनाने में ना बीतें ये जवानियाँ !
ऐसा समाज सुधारक जिसने इंसानियत को सँवारा। ऐसा समाज सुधारक जिसने इंसानियत को सँवारा।
छोड़ दो रंजिशें लेना किसी से, हर पल मुस्कराना सीख लो, छोड़ दो रंजिशें लेना किसी से, हर पल मुस्कराना सीख लो,
फूल कहीं जो हम बन जाते बस खुशबू अपनी लुटाते। फूल कहीं जो हम बन जाते बस खुशबू अपनी लुटाते।
जो दुश्मन के इरादों पर भी पानी फेरते हरदम वतन ख़ातिर जो करते है हिमाकत और होती है। जो दुश्मन के इरादों पर भी पानी फेरते हरदम वतन ख़ातिर जो करते है हिमाकत और हो...
आँखों में सजाए हैं, बहुत से सपने। आँखों में सजाए हैं, बहुत से सपने।
हर क्षण खुद से प्यार करना तेरा हक़ है, पर तू खुद के आईने से विरक्त है। हर क्षण खुद से प्यार करना तेरा हक़ है, पर तू खुद के आईने से विरक्त है।
ऐसा अनेकता में एकता का संदेश देता प्यारा हमारा तिरंगा। ऐसा अनेकता में एकता का संदेश देता प्यारा हमारा तिरंगा।
नया जोश लिए भरा उमंगों से पूरित शून्य को सार्थक करता मेरे देश का युवा। नया जोश लिए भरा उमंगों से पूरित शून्य को सार्थक करता मेरे देश का युवा।
जन्मभूमि है इन्हें प्यारी, देश हित देते हैं बलिदान ! जन्मभूमि है इन्हें प्यारी, देश हित देते हैं बलिदान !
भारत का वीर जवान हूँ सीने पर गोली खाता हूं। भारत का वीर जवान हूँ सीने पर गोली खाता हूं।
एक सच जीवन में असफलता भी साथ हमारे, रंगमंच में न कोई किसी का होता है। एक सच जीवन में असफलता भी साथ हमारे, रंगमंच में न कोई किसी का होता है।
अब तक क्या किया मत सोच उस पर आगे क्या करना है सोच जरूर उस पर। अब तक क्या किया मत सोच उस पर आगे क्या करना है सोच जरूर उस पर।
रूप नाम भाव के जगत में हम हैं एक भाव की दृष्टि बनानी है। रूप नाम भाव के जगत में हम हैं एक भाव की दृष्टि बनानी है।
परिवार के लिए वरदान, दोस्तों का दोस्त, परिवार के लिए वरदान, दोस्तों का दोस्त,
परमात्मा ने भी कर्मों का हिसाब छोड़ दिया, वक्त के सबल हाथों के सम्मान में। परमात्मा ने भी कर्मों का हिसाब छोड़ दिया, वक्त के सबल हाथों के सम्मान में।
नारा गूंजा खूब यूं, करो मरो का खास गांधी जी आगे हुए, नयी जगाकर आस। नारा गूंजा खूब यूं, करो मरो का खास गांधी जी आगे हुए, नयी जगाकर आस।
गवाह रहा है आजादी का, यह शानदार सा पुराना पथ ! गवाह रहा है आजादी का, यह शानदार सा पुराना पथ !