STORYMIRROR

Abhilasha Chauhan

Abstract Inspirational Others

3  

Abhilasha Chauhan

Abstract Inspirational Others

दिल तो बच्चा है

दिल तो बच्चा है

1 min
211

दिल तो सच्चा है

इसे सच्चा ही रहने दो

दिल तो बच्चा है

इसे बच्चा ही रहने दो

खिलखिलाने दो मुस्कराने दो

उठाने दो जिंदगी का आनंद

मिली हैं सांसे हमको चंद

न करो पिंजरे में इसे बंद

पक्षियों की तरह उड़ने दो

चहकने दो चहचहाने दो


जीवन का आनंद उठाने दो

रहने दो इसे निर्विकार

बहने दो इसमें रसधार

रहे सबके लिए इसमें प्यार

करे सबका ये उपकार

बने सच्चा वो इंसान

जिसमें बचपन है विद्यमान

न करें खुद पर वो अभिमान

करें मानवता का कल्याण

देकर दूसरों को आनंद

वो खुद पाएगा परमानंद



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract