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Bhavna Thaker

Abstract

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Bhavna Thaker

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मेरा भारत महान

मेरा भारत महान

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मेरी आन मेरी शान है मेरा प्यारा हिन्दुस्तान,

ये दुनिया है तख्त ताज हिन्दुस्तान है सरताज।


गाँव गलियारे देश के मेरे साफ सुथरे चौपाल सजे,

जात पात से उपर उठती संस्कृति भारत की महान।


पूर्व सजता मेघालय से, पश्चिम में काली माता,

उत्तर में गोआ का तट है, दक्षिण में रामेश्वर।


कलकल बहती गंगा सोहे ऊंचा खड़ा हिमालय,

हरिद्वार की हरियाली मन को बड़ा लुभाती।


कुतुब मिनार आमेर किला चार चाँद लगाते, 

बेमिसाल है दार्जिलिंग चाय बागान क्या कहना। 


जल महल से ताजमहल तक जहाँ नज़र ठहरती, 

स्वर्ग सा मेरा भारत भैया दूजा ना ऐसा कोई।


नैनी झील पिछौरा झील आभा इनकी न्यारी,

बारह ज्योतिर्लिंग से शोभे धरा अखंड प्यारी।


भाईचारे के रंगों से सजा है प्यारा हिन्दुस्तान,

गांधी, नेहरू, सरदार, शास्त्री जैसे वीर जन्मे महान।  


भगत सिंह आज़ाद की सरपरस्ती क्या कहना,

राम, श्याम, हनुमान की भूमि है भारत माता।


त्योहार सबके अलग पर मनाते सारे मिलकर,

परंपरागत संग मनाते और हो जाती सबकी दावत।


सागर, पर्वत, हरियाली, मंदिर, गिरजा गुरुद्वारा,

ये सारे गहने भारत के कश्मीर मांग का टीका।


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