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Satyam Tripathi

Abstract

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Satyam Tripathi

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मेरा भारत मेरा अभिमान

मेरा भारत मेरा अभिमान

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तू सर्वशक्तिमान, तू सबसे महान

तेरी ताकत अकूत, तेरी शक्ति असीम

हो मुश्किलें कैसी भी तू रहा खड़ा, न डिगा, न हिला

तू अचल अडिग तू।


अमेरिका की आंधी हो या तालिबान का तूफ़ान

पाक की नापाक हरकतें या चीन की चालाकियां

सबसे लड़ा तू डटकर खड़ा 

तू अटल तू बेमिशाल।

तू सर्वशक्तिमान.............


संस्कृतियों का संगम तू, भाषाओं की खान तू

विद्वानों की जनभूमि तू, वीरो की जननी तू

राम और बुद्ध तूने दिए, गांधी को भी जना तूने

चंद्रशेखर, भगत और बोस तेरे नगीने।

तू सर्वशक्तिमान................


मुकुट बन है खड़ा तेरे सर पर हिमालय बड़ा

पैरों को धोता ही रहे तेरे ये सागर घना

गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र, सिंधु और नर्मदा

है तेरी रक्त की धमनियां।

तू सर्वशक्तिमान............


मंगल पर मंगल किया तूने, सीरीज भेजी गगन में

उपग्रहों का संजाल नभ में बुना तूने

विक्रांत, विक्रमादित्य, कलवरी पास तेरे

अग्नि, ब्रह्मोस,पिनाक, पृथ्वी भी साथ तेरे।

तू सर्वशक्तिमान............


एशिया की आन तू

सवा सौ करोड़ की जान तू

हर हिंदुस्तानी की शान तू

मेरा अभिमान तू, मेरी पहचान तू।

तू सर्वशक्तिमान.......


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