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S Ram Verma

Abstract

4  

S Ram Verma

Abstract

मौन ।

मौन ।

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मन के गागर में डुबकी 

लगा कर बैठा ये मौन


चिंतन की स्मृति  

में विस्मृत ये मौन


अंतर्मन की गहराई 

को नाप रहा है ये मौन


जब जब बहता है 

 ये रूठा हुआ मौन


तब सारे कष्ट झेल 

जाता है ये मौन

 

फिर भी अभिव्यक्त 

कहाँ हो पाता है ये मौन !


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