DEVSHREE PAREEK
Abstract Romance Inspirational
मुमकिन नहीं
नदी के किनारों का मिलना
तो क्या
साथ बहते
जाने से किसने रोका है…
मंजिल तक साथ नहीं
सफ़र का साथ
तय करने से
किसने टोका है…
गैर इरादतन ही साथ
चल पड़े हैं
निभा लो ज़नाब
यकीनन यही मौका है…
शर्त…
कायदे…
मज़हब…
अज़नबी…
इंकार का हक
हिस्सा-ए-मोहब...
अज़ीब हक़ीक़त है...
बहती है मोहब्...
कोई साया…
इश्क खरा सा ह...
वो टूट सकता है, पर झुक सकता नही, टूट कर भी वो खुश्बु देता है,सांसों से। वो टूट सकता है, पर झुक सकता नही, टूट कर भी वो खुश्बु देता है,सांसों से।
मिलावट की है इनमें प्यार की इसबार होली में। मिलावट की है इनमें प्यार की इसबार होली में।
होली के त्योहार पर भी उदासी का रंग चढ़ा हैै। होली के त्योहार पर भी उदासी का रंग चढ़ा हैै।
जो फेर लेते थे नज़रें तक देख कर तुझे मिलने को तरस जाएंगे।। जो फेर लेते थे नज़रें तक देख कर तुझे मिलने को तरस जाएंगे।।
धर्मी सोचता अब अपने संगत आया है अधर्मी अबकी अंगद पांव लाया है। धर्मी सोचता अब अपने संगत आया है अधर्मी अबकी अंगद पांव लाया है।
चुराया मैंने समुन्दर से मुठ्ठीभर अपनापन आकाश से कुछ उदारता लिये मेरे कुटीर को उश्वास! चुराया मैंने समुन्दर से मुठ्ठीभर अपनापन आकाश से कुछ उदारता लिये मेरे कुटीर को...
ए....ताज तेरे कदमों में आकर हर मोहब्बत परवान चढ़ा। ए....ताज तेरे कदमों में आकर हर मोहब्बत परवान चढ़ा।
खुश हो सबकी जिंदगानी सँवार दो हर जीव को। खुश हो सबकी जिंदगानी सँवार दो हर जीव को।
ज़िंदगी के खेलों में चोटें हमने भी खाई हैं ! ज़िंदगी के खेलों में चोटें हमने भी खाई हैं !
पर जब वह अपनों से धोखा खाता है तो मौन हो जाता है....। पर जब वह अपनों से धोखा खाता है तो मौन हो जाता है....।
होली में अब की बार, मार ना पिचकारी। होली में अब की बार, मार ना पिचकारी।
बीत गया है वक्त इस दर्द के सहारे तुम्हारा जाने कब तक मिलेगा इस नदी को किनारा। बीत गया है वक्त इस दर्द के सहारे तुम्हारा जाने कब तक मिलेगा इस नदी को किनारा।
ये हंसी मुश्किल से लौटी है इसे सहेज के रखिए ! ये हंसी मुश्किल से लौटी है इसे सहेज के रखिए !
ऐसे जीवन क्या जीना, जिसमे संघर्ष ही न हो। ऐसे जीवन क्या जीना, जिसमे संघर्ष ही न हो।
सचमुच मिला दे दिलों को होली बाँटे माधुर्य पकवानों के संग। सचमुच मिला दे दिलों को होली बाँटे माधुर्य पकवानों के संग।
नशा जरूरी है ज़िन्दगी के लिए, पर सिर्फ शराब ही नहीं है बेखुदी के लिए! नशा जरूरी है ज़िन्दगी के लिए, पर सिर्फ शराब ही नहीं है बेखुदी के लिए!
स्नेह के रंग से भर दो दुनिया सारी, देखो होली आई, होली आई। स्नेह के रंग से भर दो दुनिया सारी, देखो होली आई, होली आई।
फेसबुक पर चमके-दमके फेस आपका होली में । रंगरेज की चुनर सा रंगीला,भेस आपका होली में। फेसबुक पर चमके-दमके फेस आपका होली में । रंगरेज की चुनर सा रंगीला,भेस आपका होल...
ओवा मिली करी वादा करिये, इक बूट्टा सबना लाणा ज़रूर।। ओवा मिली करी वादा करिये, इक बूट्टा सबना लाणा ज़रूर।।
रसिया-होरी की मधुर तान चैती-फगुआ की बोली है। रसिया-होरी की मधुर तान चैती-फगुआ की बोली है।