STORYMIRROR

Alka Agarwal

Romance

4  

Alka Agarwal

Romance

मैं,तुम ही तो हूँ....

मैं,तुम ही तो हूँ....

1 min
253


उड़ने की कोशिश में, जब भी

भूतल खिसका पाँव तले 

तुमने दी है, मुझे जमीन

देखा जितना तुमको प्रिय 

उतनी हुई मैं और #नवीन।* 


काम नहीं जो किया कभी 

और चाह रही वो करने की 

तुमने ही तो किया प्रवीण 

जाना जितना तुमको प्रिय 

उतनी हुई मैं और #नवीन।*


ज्यों-ज्यों तुमने सीरत जानी 

रंग-रूप सूरत पर आया 

तुमने ही तो किया हसीन 

पाया जितना तुमको प्रिय 

उतनी हुई मैं और #नवीन।* 



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance