मैं,तुम ही तो हूँ....
मैं,तुम ही तो हूँ....
उड़ने की कोशिश में, जब भी
भूतल खिसका पाँव तले
तुमने दी है, मुझे जमीन
देखा जितना तुमको प्रिय
उतनी हुई मैं और #नवीन।*
काम नहीं जो किया कभी
और चाह रही वो करने की
तुमने ही तो किया प्रवीण
जाना जितना तुमको प्रिय
उतनी हुई मैं और #नवीन।*
ज्यों-ज्यों तुमने सीरत जानी
रंग-रूप सूरत पर आया
तुमने ही तो किया हसीन
पाया जितना तुमको प्रिय
उतनी हुई मैं और #नवीन।*

