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Alka Agarwal

Inspirational

4  

Alka Agarwal

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पाया है नर तन तो......

पाया है नर तन तो......

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पाया है नर तन तो चल अनवरत, न आराम हो

तू रत हो कर्म पथ पर सदा जीवन की तेरे न शाम हो

सूर्य की प्रातः रश्मि-सा तेरे मन में ओज हो

मैं हूँ, कर सकता सब, खुद से वादा रोज़ हो

न हो कोई काम ऐसा, जिसमें तू नाकाम हो

पाया है नर तन तो...................


हो हर कर्म निष्पक्ष, मन में न किसी का पक्ष हो

हो हर तर्क न्याय संगत, तन-मन से इतना दक्ष हो

हो फैसला चाहे कठिन, पर एकदम निष्काम हो

पाया है नर तन तो................. 


न छूटे सच की राह, पथ हो चाहे विपदा भरा

आग में तप कर ही तो, कुंदन बनता सोना खरा

सच लड़े मरते दम तक, झूठ से ऐसा संग्राम हो

पाया है नर तन तो...............



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