STORYMIRROR

Tanmay Mehra

Romance

4  

Tanmay Mehra

Romance

मैं टूटता हुआ तारा तुम मन्नत

मैं टूटता हुआ तारा तुम मन्नत

1 min
521

मैं टूटता हुआ तारा बन जाऊँ 

तुम खुद की मन्नत सी बन जाना।


मैं खँडहर सी इक दीवार बन जाऊँ 

तुम खुद की जन्नत सी बन जाना।


मैं सूखा हुआ पेड़ बन जाऊँ

तुम बसंत बहार सी बन जाना।


मैं जलती हुयी बदरा बन जाऊँ

तुम सावन की फुहार सी बन जाना।


मैं सूखा हुआ कुआँ बन जाऊँ

तुम लहराती दरिया सी बन जाना।


मैं नीम सा कड़वा बन जाऊँ

तुम चंदन सी महक जाना।

 

मैं नागफनी सा कटीला बन जाऊँ

तुम छुई-मुई सी बन जाना।


मैं घोर रात अमावस की बन जाऊँ

तुम चांदनी रात सी चमक जाना।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance