मैं तो कुछ और हूँ
मैं तो कुछ और हूँ
भीड़, मैं रहा नहीं
तुड़ीर, मैं रहा नहीं
मैं तो कुछ और हूँ
गंभीर, मैं रहा नहीं।
जलजले आये बहुत
रुला वो पाए नहीं
मैं तो कुछ और हूँ
समझ, मैं रहा नहीं
तरकश में जो तीर हैं
वो, तीर तेरे हैं नहीं
मैं तो कुछ और हूँ
न जश, मैं रहा नहीं।
तू विरोध करता जा
लक्ष्य से फिसल नहीं
मैं तो कुछ और हूँ,
तू हँस, मैं रहा नहीं।
ईश्वर शहर में बहुत हैं
इंसान का पता नहीं
मैं तो कुछ और हूँ
महज, मैं रहा नहीं।
