Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!
Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!

Rushikesh Ade

Abstract

2  

Rushikesh Ade

Abstract

मैं शराब नहीं पिता

मैं शराब नहीं पिता

1 min
243


मैं शराब नहीं पिता

शराब मुझे चढ़ती नहीं है

याद आने से पहले ही

भूल जाना चाहता हूं


मगर बात है कि

आगे बढ़ती ही नहीं है

मैं शराब नहीं पिता 

ये मुझे चढ़ती ही नहीं है। 


ये यादें हर घूंट के साथ, 

नशे सी चढ़ती जाती है

अब पिला ही रहे हो तो

बोतल ही दे देते

कि कुछ चुभन सी दिल में

बढ़ती जाती है।


कोई कहता है

बोतल खाली होने से

पहले ही कि मैं नशे में हूं

उसका दिल रखने के लिए

हँस देता हूँ मैं।


क्या है ना, 

मुस्कुराने से बात

ज्यादा बिगड़ती नहीं है

मैं शराब नहीं पिता 

ये मुझे चढ़ती नहीं है। 


Rate this content
Log in