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Rushikesh Ade

Romance


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Rushikesh Ade

Romance


चेहरा

चेहरा

1 min 156 1 min 156

ये होठों की लाली 

ये आँखों का काजल

ये माथे पे बिंदीया

ये लहराता आंचल

दिल पर हमारे जो पहरा नहीं है

ये चेहरा तुम्हारा 'सिर्फ चेहरा' नहीं है


मुकम्मल ख़ुदा की

अगर कोई तस्वीर

तराशूं कभी तो

तुम्हारे अलावा

कोई रंग उसमें सुनहरा नहीं है

ये चेहरा तुम्हारा 'सिर्फ चेहरा' नहीं है


कई राज़ हाज़िर

है चेहरे पे तेरे

किताबों की तरह

कोई इनको पढ़ ले 

दिल इतना किसी का भी गहरा नहीं है

ये चेहरा तुम्हारा 'सिर्फ चेहरा' नहीं है


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