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Deepak Mandrawal

Classics

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Deepak Mandrawal

Classics

मैं शिव हूं

मैं शिव हूं

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तिलक में तेज हूं।

नेत्र में ब्रह्मांड हूं।।


त्रिशूल में अजय हूं।।

जटा में गंगा हूं।। 


गंगा में जल हूं।

विष में नीलकंठ हूं।।


योग में ओम हूं।

डमरू में तांडव हूं।।


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