मैं कविता हूँ.....!!
मैं कविता हूँ.....!!
मैं कविता हूँ
भाव में गहरी
शब्दों में ठहरी
मन में उमड़ते भंवर में डूबी
सुंदर एक कविता हूँ......
जीवन का अर्थ लिए
विचारों के परिवर्तन में
जागरूकता लिए
मार्गदर्शक भी हूँ ....
समय की परिधि में
मैं एक कविता हूँ ......
मन की प्रीत
रिवाजों की रीत
आँसुओं का समंदर
खुशियों का अम्बर
रंगो में इंद्रधनुषी
सुरों में सारंगी हूँ
पतझड़ के मौसम में बिखरे
एक सुंदर कविता हूँ .....!!
