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SIJI GOPAL

Drama

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SIJI GOPAL

Drama

मैं कुछ रात सी‌ हूँ

मैं कुछ रात सी‌ हूँ

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मैं कभी कायनात सी हूँ

शांत,

सर्द,

या काली सी,

बीती हुई बात सी हूँ

मैं कुछ रात सी हूँ


मैं कभी पारिजात सी हूँ

खामोश,

शीतल,

या चांदनी सी,

गुप्त वारदात सी हूँ

मैं कुछ रात सी हूँ


मैं कभी बरसात सी हूँ

जवान,

मस्त,

या दिवानी सी,

भूली मुलाकात ‌सी हूँ

मैं कुछ रात सी हूँ


मैं कभी अज्ञात सी हूँ

तन्हा,

बेजुबान,

या डरावनी सी,

जिंदगी से रुठी मौत ‌सी हूँ

मैं कुछ रात सी हूँ।।


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