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Ganesh Chandra kestwal

Inspirational

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Ganesh Chandra kestwal

Inspirational

मैं गीत राष्ट्रभाषा पुण्य पोषता रहूँ

मैं गीत राष्ट्रभाषा पुण्य पोषता रहूँ

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        ॥ॐ श्री वागीश्वर्यै ‌नमः॥

     मैं गीत राष्ट्रभाषा पुण्य पोषता रहूँ

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मैं गीत राष्ट्रभाषा पुण्य पोषता रहूँ।

मैं शब्द शब्द हिन्दी के हो बोलता रहूँ।।


हिन्दी शुभा सुहाती है मानव जुबान पर।

मैं शान मातृभाषा की निहारता रहूँ।।


वैज्ञानिकी सुभाषा नित्य गूँजती रहे।

मैं नाद पुण्य इसके ही पुकारता रहूँ।।


हिन्द राजभाषा पद सदा सुहा रही।

मैं हिन्द राष्ट्रभाषा में विहारता रहूँ।


यह एकता रचाती है दिलौ जुबान से,

मैं साध्य एकता का पुण्य पोषता रहूँ।।


इसकी विशेषता माधुर्य और गेयता,

मैं भावपूर्ण हिन्दी गीत बोलता रहूँ।


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