STORYMIRROR

Anand Kumar

Romance

2  

Anand Kumar

Romance

मैं भीग चुका था

मैं भीग चुका था

1 min
152

मैं यूँ ही,

तन्हा बैठा था एक रोज़,

सहसा मन में, तेरे

यादों के बादल घिर आये, 

और फिर आँखों से 

भावनाओं की बारिश होने लगी।


कुछ देर की बरसात के बाद, 

बादल छटे, मन साफ़ हो गया,

तेरी यादें धुल गई,

थोड़ी देर में, बरसात भी थम गई,

पर मैं पूरा भीग चुका था, 

तेरी उन यादों में, मैं डूब चुका था ।।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance