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Dakshal Kumar Vyas

Inspirational

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Dakshal Kumar Vyas

Inspirational

मैं भारत हूं

मैं भारत हूं

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मैं भारत हूं मैं भारत हूं

मैं विश्व गुरु मैं भारत हूं

मैं ज्ञाता गणित का मैं भारत हूं

मैं आर्यभट, मैं पिंगला, मैं ब्रम्हगुप्त

मैं भास्कराचार्य मैं भारत हूं

मैं भारत हूं मैं भारत हूं


मैं योद्धा हूं मैं भारत हूं

मैं प्रताप, मैं शिवाजी,में झांसी हूं

मैं चन्द्र गुप्त मैं भारत हूं

मैं लाखों वीरों की मां हूं 

मैं भारत हूं 

मैं विक्रम बतरा, मैं संजय कुमार,

मैं मनोज पाण्डेय

मैं भारत हूं मैं भारत हूं


मैं वास्तुकला का शुरुआत हूं मैं भारत हूं

मैं हड़प्पा, मैं अमरावती, मैं सिंधू हूं

मैं सांची, मीनाक्षी मैं, विजय स्थंभ हूं

में एलोरा हूं मैं भारत हूं

मैं भारत हूं मैं भारत हूं


मैं तपस्वी हूं मैं भारत हूं

मैं ध्रुव मैं अगस्त्य हूं

मैं मोदी हूं,में योगी हूं

मैं भारत हूं मैं भारत हूं


मैं रचना हूं में ग्रंथ हूं मैं भारत हूं

मैं रामायण हूं में गीता हूं

जिसमे सारा संसार समाए वो 

मैं चारों वेद हूं ,

मैं लाखों करोड़ों ग्रंथ हूं मैं भारत हूं

मैं भारत हूं मैं भारत हूं


मैं भाषा हूं मैं भारत हूं

मैं संस्कृत, मैं हिंदी, मैं मराठी

मैं मेवाड़ी, मैं मारवाड़ी मैं गुजराती

मैं हर दो कोस की अलग भाषा हूं

मैं भारत हूं मैं भारत हूं


मैं क्रांतिकारी हूं मैं भारत हूं

मैं भगत, मैं राजदेव, मैं वल्लभ,

मैं सुभाष मैं मंगल हूं

मैं लाखों क्रांतिकारियों के लहू से सिंचित भूमि 

मैं भारत हूं मैं भारत हूं


मैं धर्म हूं में भारत हूं

मैं हिंदू, मैं मुसलमान, मैं ईसाई

मैं बौद्ध हूं मैं भारत हूं

मैं भारत हूं मैं भारत हूं।


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