मायाजाल
मायाजाल
यह संसार एक सघन मायाजाल,
हर ओर देखिये जादू का कमाल..!
पैसों का जादू सर चढ़ कर बोले ,
सब कुछ यहॉं पैसों से ही तोले ,
फिर बन जाते हैं एकदम से भोले ,
बातें सुने कोई लगते हैं बड़बोले,
यह संसार एक सघन मायाजाल,
हर ओर देखिये जादू का कमाल..!
किसी पर नैनों का जादू करे दिल बेकाबू,
किसी की अदाओं का जादू है नशा हर सूं,
कोई उल़झा किसी की काली जुल्फों में,
कोई राग गाता फिर रहा प्रेम के होने में,
यह संसार एक सघन मायाजाल,
हर ओर देखिये जादू का कमाल..!
किसी पर चढ़ रहा बातों का जादू,
बनावटीपन का सिर चढ़ता जादू़,
नकली असली का खेल है सारा,
कैसा कमाल करता है यह जादू,
यह संसार एक सघन मायाजाल,
हर ओर देखिये जादू का कमाल..!
यह जीवन जादू से भरपूर पहेली,
है मकड़जाल फिर भी दुनिया उलझी,
कैसे कोई तोड़े इस जादू के तिलस्म को,
जहॉं हर बात झिंझोड़े इस जिस्म को,
यह संसार एक सघन मायाजाल,
हर ओर देखिये जादू का कमाल..!
प्रसिद्धि का जादू इस कदर सर चढ़ा,
नज़र ना आये को़ई छोटा है या बड़ा,
हे कृष्ण कन्हैया कैसा तुमने संसार बनाया,
तुम्हारे बनाये जादू से कोई भी बच ना पाया,
यह संसार एक सघन मायाजाल,
हर ओर देखिये जादू का कमाल..!
वो ऊपर बैठा सबसे बड़ा जादूगर,
कैसे रंग भर दिये प्रकृति में हैरॉ हूं मैं देखकर,
कैसे चलते दिन और रात वाह वाह क्या बात,
जीवन मृत्यु का चलता खेल फिर भी होती ठेलम ठेल,
यह संसार एक सघन मायाजाल,
हर ओर देखिये जादू का कमाल..!
