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अधिवक्ता संजीव रामपाल मिश्रा

Inspirational

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अधिवक्ता संजीव रामपाल मिश्रा

Inspirational

माँ

माँ

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मां की महिमा का वर्णन,

जग में कोई नहीं कर सकता है।


मां की ममता का कोई मोल नहीं,

ना कोई मोल जग में हो सकता है।


जीवन में मां सिर्फ मां ही नहीं होती है,

जीवन देने वाली और गुरू भी होती है।


मां को जो समझ पाया है,

वही मां का कर्ज उतार पाया है। 


मां के लिये जितना भी करो कम है,

मां की वजह से इस दुनिया में हम हैं।


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