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Renuka Chugh Middha

Inspirational

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Renuka Chugh Middha

Inspirational

माँ

माँ

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माना कोमल हूँ..पर कमज़ोर नहीं

पीठ पर लादे, कोख जाये को

संघर्ष की राह पर बढ़ती जाऊँगी 

तेरे पालन हेतु, खुद के सम्मान

की ख़ातिर

कुछ भी कर जाऊँगी


ना झुकुगीं बन निरही,

किसी के सामने

लालन-पालन को तेरे हाथ ना

कभी फैलाऊँगी

ज़माने की हर गर्दिश को

सह जाऊँगी

जिस्म से पत्थर हूँ मैं, फ़ौलाद

तुझे बनाऊँगी

हर राह में रख साथ तुझे

जीवन -पथ पे बिखरे काटों से

तुझे बचाऊँगी

अभिमन्यु ने सीख लिया

गर्भ में रह, भेदन चक्रव्यूह का  

झाँसी की रानी भी बाँध पीठ पर

लाल को अपने लड़ी

जंगे-मैदान में


फिर मैं कैसे जिंदगी के

जद्दोजहद में धूप और

गर्म हवाओं से डर जाऊँगी


मेहनत कर खून से सींच तुझे

पथरीली राहों पे साथ ले

शूरवीर कर्मठ बनाऊँगी !! 



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