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B. sadhana

Inspirational Thriller

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B. sadhana

Inspirational Thriller

मां ये वादा रहा।।

मां ये वादा रहा।।

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हो मां, मेरी मां

आज कहना है 

अनकहे शब्द जो समागए 

मेरे दिल में सदियों से।


आज भी मुझको 

याद है वह पल

जब चोट लगी मुझे

निकले तेरे आसू।।


खून बहा चोट से मेरा

पर आंखों से खून बहाया तुमने,

याद है मुझे रात के ओ हर एक पल

जब फूट फूट कर रोना काम था तेरा।।


आज कहती हूं

हर आसू का मूल 

चुकाना होगा उन्हें 

जिन्होंने यह तोफा दिया

वापस लौटाना है आज।।


पल बर खुशी के लिए

कितने तरसे हम याद है मुझे

कुछ नही भूली मैं मां,

बस अपना आसू उसपे 

व्यर्थ नही किया मैने जो

उनके मोल कभी नही जान पाया।।


मां मेरी मां ,जानती हूं

क्यू छुपाया है तूने मुझसे

पर मैं तुझसे अलग नहीं

आंख मेरे पर आसू तेरे

बहाएं है मैने । ओ मां।।


कोई नही अब खुशी 

हमारे हिस्से है ,मगर वो

दर्द जो हमने जेला उसका

मोल चुकाना होगा उनको।।


तेरे मुस्कुराते होटों के पीछे

छुपे हर गम को महसूस किया 

है मैंने हर एक पल उन दिनों का

मिटा दूंगी मैं तेरे जीवन से मैं।


वो मां यह वादा रहा 

मेरा तुझसे, हार उनके 

हिस्से और जिंदगी हमारे हिस्से

होने को बस कुछ क्षण शेष है।। 


हो मां, मेरी मां

आज कहना है 

अनकहे शब्द जो समागए 

मेरे दिल में सदियों से।


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