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Pinki Khandelwal

Inspirational

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Pinki Khandelwal

Inspirational

मां का पल्लू ..।

मां का पल्लू ..।

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मां का पल्लू महज पल्लू नहीं एक जादूई एहसास है,

जिसमें कभी रूपये की पोटली बंधी होती,


तो कभी आती उसमें मसालों की खुशबू,

आंचल की छांव बन कभी ठंड में ढक लेती उससे शरीर वो,


कभी गर्म बर्तन उठाती पकड़ उस पल्लू से,

तो कभी पकड़ लेता बच्चा मां का वो पल्लू,


बच्चों की शरारतें उसमें छुपा पीटने से बचाती है,

तो कभी कभी बच्चे पौंछ लेते उससे हाथ है,


कभी पंखा बन हवा करती कभी मुंह पौंछ लेती हमारा,

कभी धूप से बचाता वो पल्लू जो ढक लेती हमारी मां है।


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