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Gagandeep Singh Bharara

Abstract Fantasy Inspirational

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Gagandeep Singh Bharara

Abstract Fantasy Inspirational

लम्हें है बस

लम्हें है बस

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लम्हें है बस,

जो जी सकते हो तुम, 


कुछ पल जो खुशगवार निकलें,

तो रहना खुश,


के उम्र भर के नहीं हैं,

कोई वायदे,


सब का हिस्सा भी बराबर है,

कभी पहले तो कभी आखरी पड़ाव पर,


पर मिलेंगे ज़रूर, यह पल,

इंतज़ार करो, जो मिले नहीं अब तक,

और जो मिल गए हैं, तो समझो इशारा,


यह पल है, बस पल,

जो जी रहें है, हम सब।


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