लाभ हानि पर करो विचार
लाभ हानि पर करो विचार
प्रथम लाभ हानि का करो विचार।
तब शुरू करो अपना व्यापार।।
नैतिकता का रखना ध्यान।
सब कुछ देख रहे भगवान।।
सही तोल कर देना माल।
नहीं दिखाना कुटिल कमाल।।
नहीं मिलावट करना मीत।
बड़ा पाप होती यह रीत।।
अधिक लाभ होता अपराध।
कभी न करना इसकी साध।।
सीमित देना माल उधार।
वरना होगा बंटाढार।।
नित्य नियम से देना दान।
खुश होते इससे भगवान।।
ध्यान रहें ये सारी बात।
सात्विक मन ईश्वर का सौगात।।
