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AKSHAT YAGNIC

Inspirational

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AKSHAT YAGNIC

Inspirational

क्या दुख है तुम्हें

क्या दुख है तुम्हें

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दिल पर हाथ रख कर कहो 

आखिर क्या दुख है तुम्हें

क्या पैसे की चिंता से दुखी हो या

दुखी हो अपने परिवार से ?


क्या तुम्हें कल की चिंता सताती है या

दुखी हो अपने आज से ? 

क्या अपना कर्म है तुम्हें सताता

आखिर क्यों है तुम्हें इतने सारे दुख। 


क्या ढूंढने से भी नहीं मिलता

तुम्हें कोई सुख लेकिन अगर ध्यान से

तुम देखो तो पाओगे तुम हो सुखों से गिरे

हुए बस एहसास ही बहुत है।


इसका जरा आंखें बंद कर कर सोचो क्या है

तुम्हारे पास खुश होने के लिए तुम्हारे पास है

अपनी सांसें जिससे तुम जीवित हो तुम्हारे

पास है कर्म करने के लिए जज्बा तुम्हारे पास है।


अपना परिवार तुम्हारे पास है धरती मां का

आशीर्वाद तुम्हारे पास है सोचने वाला एक दिमाग

फिर भी तुम खुद से कहते हो मुझे बहुत सारे दुख हैं ?


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