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Sonias Diary

Abstract Tragedy

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Sonias Diary

Abstract Tragedy

क्या आसां है ?

क्या आसां है ?

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इंसा चला तो गया..

मगर अपने संग बिताये 

असीम पल....

यादें...

वो चेहरे

 यहीं पीछे 

छोड़ गया...


रास्ते घर ज़ज्बात...

सब यहीं......

सूनी मांग 

मासूम -बुझी सी काया...

वो प्यारा सा 

भोला सा 


खोखली मुस्कान बिखेरता चेहरा...

खुद को संभालना....

खुद को फ़िर से सँवारना...

खुद से खुद को 

जीना सीखाना...

क्य़ा आसां है....


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