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AVINASH KUMAR

Abstract Inspirational

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AVINASH KUMAR

Abstract Inspirational

कविता पुराण

कविता पुराण

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पुराणों की कथा है कि हुआ था वामन अवतार।

आज भी याद किया जाता है वह चमत्कार।

तीन पग में नाप दिए थे तीनों लोक।

देव थे हर्षित सभी, दानव जगत में शोक।

 

हाल में चला जब उनकी विदेश यात्राओं का दौर।

सालभर में नप गए धरती के ओर-छोर।

यूएस, रूस, चीन, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील,

यूएई, जापान,

इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी, बंगदेश, नेपाल, लंका, म्यांमोर।

प्रशंसकों को उनकी यही चपलता भा गई।

जाने क्यों वह पुरानी कथा याद आ गई।

 

हनुमान का मार्ग रोक खड़ी थी सुरसा विशाल।

वह सम्हली इसके पूर्व ही इन्होंने कर दिया कमाल।

घुसे मुंह के अंदर और आ गये झट बाहर

लंकिनी का मान रख लिया प्रभु का काम कर दिया।


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